सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विकासखंड के कुसम्ही गांव में युवाओं को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया खेल मैदान चार वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। सरकार की ग्रामीण खेल सुविधाओं को मजबूत करने की योजना के बावजूद निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। इससे गांव के खिलाड़ियों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
चारदीवारी बनी, लेकिन मैदान अब भी खेल के लायक नहीं
ग्रामीणों के अनुसार कुसम्ही और जमौतिया गांव के बीच प्रस्तावित खेल मैदान की चारदीवारी का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन मैदान में मिट्टी की पटाई केवल आधे हिस्से में ही की गई है। कुछ स्थानों पर व्यायाम के उपकरण भी लगाए गए हैं, जबकि मैदान को समतल कर खेल योग्य बनाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजा यह है कि चार साल बाद भी मैदान उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सका है।
युवाओं को नहीं मिल रही खेल की सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के युवाओं और खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए आज भी खुले और व्यवस्थित खेल मैदान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकार की मंशा थी कि प्रत्येक गांव में खेल मैदान विकसित कर युवाओं को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, लेकिन कुसम्ही में यह योजना धरातल पर अधूरी नजर आ रही है।
गुणवत्ता और निर्माण की रफ्तार पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मैदान को पूरी तरह विकसित करने के बजाय काम बीच में ही छोड़ दिया गया। यदि यही स्थिति रही तो खेल मैदान के पूरा होने में अभी और लंबा समय लग सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने और सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित कर मैदान को जल्द से जल्द खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।
जांच का भरोसा
मामले में ग्राम विकास अधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद वर्षों से अधूरा पड़ा खेल मैदान जल्द पूरा होगा और गांव के युवाओं को खेल अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।