सिद्धार्थनगर में साइबर ठगी के शिकार एक ग्रामीण के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। थाना मिश्रौलिया पुलिस की साइबर टीम ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए धोखाधड़ी से निकाले गए 50 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम का आभार जताया। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी पहल माना जा रहा है।
AEPS के जरिए खाते से उड़ा लिए थे 50 हजार
थाना मिश्रौलिया क्षेत्र के ग्राम गौरडीह निवासी असगर अली के बैंक खाते से AEPS के माध्यम से 50 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गई थी। घटना के बाद उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना मिश्रौलिया की साइबर टीम सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी।
बैंक से समन्वय कर कराई पूरी रकम की रिकवरी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम और ठगी की रकम वापस दिलाने के अभियान के तहत पुलिस ने संबंधित बैंक से लगातार समन्वय स्थापित किया। तकनीकी जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ठगी की गई पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
पीड़ित ने पुलिस का जताया आभार
खाते में पूरी रकम वापस आने के बाद असगर अली ने राहत की सांस ली और थाना मिश्रौलिया पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से साइबर ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव, साइबर सेल प्रभारी श्याम कन्हैया दूबे, उपनिरीक्षक धर्मराज, आरक्षी आशुतोष सिंह, आकाश कुमार तथा महिला आरक्षी अनुराधा गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराते हुए पीड़ित को उसकी रकम वापस दिलाई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना देने पर ठगी गई धनराशि की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।