उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष रहे स्व. सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने रविवार को महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है।
सरकारी आवास में फांसी लगाकर दी थी जान
पुलिस के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त 2026 को बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में उनके पुत्र संदीप सिंह ने पांच सितंबर को कोतवाली बस्ती में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 दर्ज किया। इसमें धारा 108 और 3(5) बीएनएस के तहत प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश को आरोपी बनाया गया।
अस्पताल के सामने से तीनों पकड़े गए
पुलिस के अनुसार, रविवार 6 सितंबर को सुबह करीब 7:55 बजे सदर अस्पताल के सामने से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तीनों एक बोलेरो वाहन UP51BN 5805 में थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने वाहन और आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियंका चौधरी पत्नी महेंद्र चौधरी, रामनयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी और विजय प्रकाश पुत्र भरतराम के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा- वीडियो-ऑडियो से ब्लैकमेलिंग
पूछताछ और अब तक की जांच के आधार पर पुलिस का दावा है कि प्रियंका चौधरी कथित तौर पर लोगों को अपने संपर्क में लेकर वीडियो और ऑडियो के जरिए ब्लैकमेल करती थी। पुलिस के अनुसार, उसके पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश इस कथित गतिविधि में सहयोग करते थे। जांच में पुलिस ने चार लोगों को कथित हनीट्रैप में फंसाकर धन वसूली किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही है। पुलिस के मुताबिक, डॉ. उमेश से चार लाख, अहमद रजा से पांच लाख और आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख रुपये की कथित वसूली का उल्लेख जांच में मिला है। चौथे मामले में भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य खंगाले
पुलिस ने जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण को अहम बताया है। पुलिस के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह का प्रियंका चौधरी और विजय प्रकाश से संपर्क था। जांच में घटना वाले दिन विजय प्रकाश की ओर से दोपहर करीब 1:41 बजे सूर्य प्रकाश सिंह को अंतिम कॉल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि कथित ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या की। हालांकि पुलिस जांच में सामने आए इन तथ्यों की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पड़ताल जारी है।
अन्य लोगों की भी तलाश और जांच
पुलिस का कहना है कि कथित गिरोह के संपर्क में आए अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट होगी।