सिद्धार्थनगर पुलिस की पहल से शनिवार को 12 दंपतियों के रिश्तों में आई कड़वाहट दूर हो गई। मिशन शक्ति फेज 5.0 (द्वितीय) के तहत महिला थाना परिसर में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र पर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का काउंसलिंग के जरिए समाधान कराया गया। इसके बाद सभी 12 जोड़ों को आपसी सहमति और समझौते के साथ एक साथ विदा किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के नेतृत्व, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में यह पहल की गई। महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय और उनकी काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और आपसी संवाद के जरिए रिश्तों में आई दूरियों को कम करने का प्रयास किया।
कई परिवार टूटने से बचे
महिला थाना में पहुंचे अधिकांश मामलों में पति-पत्नी के बीच मनमुटाव, पारिवारिक विवाद और आपसी संवादहीनता के कारण रिश्ते टूटने की स्थिति में पहुंच गए थे। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को एक-दूसरे की भावनाओं और जिम्मेदारियों को समझाया गया। इसके बाद सभी दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया।इस दौरान शहनाज-तारिक अजीज, सिरजा-अरुण, मिथलेश-रामसागर, शहनाज-सफीकुल्लाह, सुविता-राजेंद्र, आयशा खातून-आबिद अली, रेखा-चंदन, इंद्रावती-दयाशंकर, गुड़िया-बृजमोहन, राधिका-जय कुमार, श्वेता त्रिपाठी-अश्वनी मिश्रा और गुड़िया-अनिल सहित कुल 12 दंपतियों के मामलों का निस्तारण किया गया।
महिला पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इन परिवारों को दोबारा एकजुट करने में महिला थाना प्रभारी भाग्यवती पाण्डेय के साथ महिला मुख्य आरक्षी रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, महिला आरक्षी शिखा खरवार और महिला आरक्षी प्रगति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ-साथ पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भी प्राथमिकता है। शनिवार को एक साथ 12 परिवारों का पुनर्मिलन इसी प्रयास का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।