सिद्धार्थनगर जिले के नगर पंचायत इटवा में बढ़ती जाम की समस्या को लेकर सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर सड़कों पर उतरी। इटवा-बढ़नी मार्ग, इटवा-बेलवा मार्ग समेत नगर के चार प्रमुख मार्गों पर सड़क और फुटपाथ की पटरियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान ठेला, गुमटी, टीन शेड और अन्य अस्थायी निर्माण बुलडोजर से हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही सड़क किनारे दुकान लगाने वालों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार अपना सामान समेटकर हटाते नजर आए। वहीं, जिन लोगों ने सड़क की पटरी पर टीन शेड या अन्य अस्थायी ढांचा बना रखा था, उसे टीम ने मौके पर ही हटवा दिया।
पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरी टीम
अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही। इससे अभियान में किसी तरह की बाधा नहीं आई। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शिव कुमार और नायब तहसीलदार बिंद्रेश गुप्ता की मौजूदगी में कर्मचारियों ने कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर कब्जे के कारण वाहनों के निकलने की जगह कम हो जाती है। इससे नगर में आए दिन जाम की स्थिति बनती है और राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
तीन दिन तक कराई गई थी मुनादी
अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमण हटाने से पहले लोगों को पर्याप्त समय दिया गया था। नगर पंचायत की ओर से लगातार तीन दिनों तक लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराकर सड़क और फुटपाथ खाली करने की सूचना दी गई थी। लोगों से सार्वजनिक स्थानों से अपना सामान और अस्थायी निर्माण हटाने को कहा गया था। इसके बावजूद कई जगहों पर अतिक्रमण बरकरार रहने के बाद सोमवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और बुलडोजर से कब्जे हटाए।
दोबारा कब्जा किया तो होगी कार्रवाई
ईओ शिव कुमार ने बताया कि फुटपाथ और सड़क की पटरियों पर दुकानें लगाने से यातायात प्रभावित होता है और जाम की समस्या पैदा होती है। इसी को देखते हुए अभियान चलाया गया है। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक सड़क, फुटपाथ और पटरियों पर दोबारा अतिक्रमण किया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद नगर के प्रमुख मार्गों पर कुछ हद तक आवागमन सुचारु होने की स्थिति बनी।