सिद्धार्थनगर जिले में बैंक ऋण की अदायगी में लगातार लापरवाही आखिरकार बकाएदार पर भारी पड़ गई। इटवा तहसील प्रशासन ने गुरुवार को पिरैला गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक ऋण के बकाएदार की तीन गाटों में दर्ज कृषि भूमि कुर्क कर दी। प्रशासन ने संबंधित भूमि के हस्तांतरण, बिक्री, दान और किसी भी प्रकार के स्वामित्व परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
बार-बार नोटिस के बाद हुई कुर्की
नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि पिरैला गांव निवासी अब्दुल वहीद पुत्र अदील पर बैंक का 5.17 लाख रुपये मूलधन के साथ ब्याज की राशि भी बकाया थी। बकाया जमा कराने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद राजस्व वसूली अधिनियम के तहत एसडीएम के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई।
तीन गाटों की भूमि पर लगा प्रशासन का कब्जा
प्रशासनिक टीम ने बकाएदार की गाटा संख्या-16 (0.3000 हेक्टेयर), गाटा संख्या-84 (0.0800 हेक्टेयर) और गाटा संख्या-44 (0.2820 हेक्टेयर) स्थित कृषि भूमि को कुर्क कर लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब इन गाटों की जमीन को प्रशासन की अनुमति के बिना न बेचा जा सकेगा, न दान किया जा सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित किया जा सकेगा।
राजस्व वसूली अभियान रहेगा जारी
तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बैंक ऋण और सरकारी बकाए की वसूली के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन बकाएदारों को नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से समय रहते बैंक ऋण का भुगतान करने की अपील की, ताकि इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके। कुर्की की कार्रवाई के दौरान संग्रह अमीन अरविंद त्रिपाठी, रामफेर, सरजू पांडेय, संग्रह अनुसेवक अनिल ओझा, क्षेत्रीय लेखपाल दीपक मौर्य, रिकवरी एरिया मैनेजर वेद प्रकाश पांडेय, अमरनाथ यादव, विशाल सिंह, हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार गौतम, संजीव कुमार, पप्पू गौड़ सहित राजस्व, बैंक और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।