सिद्धार्थनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत खेसरहा थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। गैर इरादतन हत्या के मामले में प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
एडीजे कोर्ट ने सुनाया फैसला
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जिला मॉनिटरिंग सेल और थाना खेसरहा पुलिस ने मामले की लगातार निगरानी करते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। इसी के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-01) मोहम्मद रफी की अदालत ने वाद संख्या 84/2025 और मुकदमा अपराध संख्या 234/2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत फैसला सुनाया।
आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास
अदालत ने आत्माराम लोधी पुत्र स्वर्गीय बाबूराम लोधी, निवासी ग्राम कोटिया पाण्डेय, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगर को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आदेश के अनुसार, जुर्माना जमा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मजबूत पैरवी से मिली दोषसिद्धि
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में जिला मॉनिटरिंग सेल की सक्रिय निगरानी के साथ अपर जिला शासकीय अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश पाण्डेय और न्यायालय पैरोकार मुख्य आरक्षी राजेश्वर चन्द्र (थाना खेसरहा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साक्ष्यों और तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का परिणाम रहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध कराने में सफल रहा।
ऑपरेशन कन्विक्शन पर पुलिस का फोकस
पुलिस विभाग ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की एक और महत्वपूर्ण सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में विवेचना की गुणवत्ता सुधारने, प्रभावी पैरवी कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना है।