सिद्धार्थनगर जिले के खुनियांव विकासखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को ग्राम विकास अधिकारी स्वर्गीय सुजीत जायसवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में विकासखंड के अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उन्हें कर्मठ, ईमानदार और कर्मचारियों के हितों के लिए सदैव संघर्ष करने वाला अधिकारी बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
विकास कार्यों में निभाई थी अहम भूमिका
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्व. सुजीत जायसवाल ने अपने सेवाकाल में विकास कार्यों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराया। वे अपने सरल स्वभाव, कार्य के प्रति समर्पण और पारदर्शी कार्यशैली के कारण अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच समान रूप से सम्मानित थे। उनके व्यवहार ने उन्हें एक लोकप्रिय और भरोसेमंद अधिकारी की पहचान दिलाई।
कर्मचारियों की आवाज बनकर किया संघर्ष
वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष और ग्राम विकास अधिकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष के रूप में स्व. जायसवाल ने कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाया। उन्होंने विभिन्न मंचों पर कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की आवाज बुलंद की तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए। उनके नेतृत्व और संगठन क्षमता को आज भी कर्मचारी याद करते हैं।
दो मिनट का मौन, आदर्शों पर चलने का संकल्प
सभा में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्व. जायसवाल के साथ बिताए अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उनका असामयिक निधन पंचायत विभाग और कर्मचारी जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके बताए आदर्शों और कार्यशैली को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
बड़ी संख्या में रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान, पियूष पाण्डेय, तारिक खान, आनंद, अनुराग सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से शिवकुमार, अजय, विनोद चौधरी, प्रधान प्रतिनिधियों तथा विकासखंड कार्यालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना के साथ हुआ।