सिद्धार्थनगर जिले के इटवा में नेता प्रतिपक्ष और इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने समाजवादी पार्टी में टूट की चल रही अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और उसके भीतर किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सपा में टूट की बात करने वाले नेता खुद राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री लगातार समाजवादी पार्टी में टूट का दावा कर रहे हैं, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और जनता का समर्थन पार्टी के साथ बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दो मंत्री सपा में टूट की बातें कर रहे हैं, वे स्वयं समाजवादी पार्टी में आने के लिए प्रयासरत हैं। नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने घटना को अमानवीय बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, लेकिन कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर होनी चाहिए। माता प्रसाद पांडेय ने भाजपा सरकार पर ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ अन्याय और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि ब्राह्मण समाज ने भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन आज वही समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर समाज में व्यापक नाराजगी है और इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।
इटवा में नेता प्रतिपक्ष का दावा: सपा मजबूत हो रही, टूट की अफवाह फैलाने वाले खुद अस्थिर, उनके मंत्री तक पार्टी में आने को बेताब