सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज क्षेत्र के बनगाई नानकार निवासी सुनील कुमार यादव पेशे से टेलर हैं, लेकिन आपदा के समय उनकी पहचान एक प्रशिक्षित आपदा मित्र के रूप में सामने आती है। राप्ती नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास और आपदा के दौरान किए गए जनहित के कार्यों के लिए उन्हें तत्कालीन जिलाधिकारी गणपति राजा आर और उपजिलाधिकारी डुमरियागंज की मौजूदगी में सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस परेड 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा भी उन्हें सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है। सुनील यादव की आपदा बचाव से जुड़ी गतिविधियों पर आधारित खबर वार्षिक पत्रिका ‘आपदा समाचार उत्तर प्रदेश’ में भी प्रकाशित हो चुकी है। सिलाई का काम करने के साथ वह अपने समय का एक हिस्सा लोगों को आपदा से बचाव के तरीके समझाने में लगाते हैं।
स्कूल-कॉलेजों में देते हैं डेमो
आपदा मित्र सुनील यादव इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम करते हैं। इन कार्यक्रमों में वह आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के प्राथमिक तरीकों का डेमो देकर लोगों को समझाते हैं। उनका प्रयास रहता है कि आपदा आने से पहले ही लोग उससे निपटने के जरूरी तरीकों को जानें। खासकर बाढ़, डूबने जैसी परिस्थितियों में शुरुआती प्रतिक्रिया और सुरक्षित तरीके से मदद पहुंचाने के बारे में वह लोगों को जानकारी देते हैं।
सोशल मीडिया पर भी दिखाते हैं बचाव के तरीके
सुनील यादव केवल प्रत्यक्ष प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी आपदा बचाव से जुड़े अपने प्रशिक्षण और डेमो साझा करते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ अन्य लोग भी आपदा के समय जरूरी सावधानियों और प्राथमिक बचाव उपायों की जानकारी ले सकते हैं।
मानदेय नहीं, फिर भी जिम्मेदारी जारी
आपदा मित्रों को नियमित मानदेय नहीं मिलने के बावजूद सुनील यादव जैसे स्वयंसेवक आपदा की स्थिति में आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। आपदा के समय ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रथम प्रतिउत्तरकर्ता के रूप में राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करते हैं। सुनील यादव का कहना है कि आपदा के समय किसी की जान बचाने के लिए समय पर सही मदद पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ वह अपने पेशे के बीच समय निकालकर लगातार लोगों को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं।
जनहित के काम में सक्रिय
स्थानीय स्तर पर सुनील यादव की पहचान आपदा बचाव और जनजागरूकता से जुड़े स्वयंसेवक के रूप में बनी है। राप्ती नदी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने की घटना से लेकर स्कूलों और गांवों में प्रशिक्षण देने तक उनकी गतिविधियां आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने से जुड़ी हैं। सम्मान और पत्रिका में प्रकाशन के बाद भी उनका प्रशिक्षण और जनहित का यह सिलसिला जारी है।