TaraiTimes
सिद्धार्थनगर का अपना समाचार संसार
होम एडमिनिस्ट्रेटिव कंर्टोवर्सी कॉरपोरेट एक्सीडेंट करप्शन डोमेस्टिक वाइलेंस मर्डर रेड रेप रॉबरी सुसाइड क्राइम (अन्य) एजुकेशन हेल्थ अपडेट मोटिवेशनल नेचुरल क्लेमिटी पॉलिटिकल प्रोटेस्ट रिलीजन सोशल वेलफेयर स्टार्टअप ट्रैवेल अन्य
🔐 स्टाफ लॉगिन

बादल रोज आते हैं, बरसते नहीं: सिद्धार्थनगर में उमस ने बढ़ाई बेचैनी, धान रोप रहे किसानों की चिंता गहराई

 सिद्धार्थनगर में उमस ने बढ़ाई बेचैनी, धान रोप रहे किसानों की चिंता गहराई

सिद्धार्थनगर। तराई के आंगन में बसे जिले में मौसम इन दिनों लोगों की परीक्षा ले रहा है। आसमान में सुबह से बादलों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस भरी गर्मी लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। शनिवार को भी जिले में धूप और बादलों के बीच दिनभर आंखमिचौली चलती रही। तेज उमस के कारण बाजारों से लेकर घरों तक लोग बेहाल नजर आए, जबकि खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

उमस से बेहाल, बारिश का इंतजार जारी

शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर तक बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। तेज धूप और बढ़ी हुई नमी ने मौसम को और अधिक असहज बना दिया। लोग पसीने और चिपचिपाहट से परेशान रहे। हालात ऐसे रहे कि पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम दिखाई दिए। ऊपर से बिजली की आवाजाही ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

धान की रोपाई पर मौसम की मार

मौसम की सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है। जिले के कई हिस्सों में किसान धान की रोपाई में जुटे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से उन्हें सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। जिन किसानों ने अभी रोपाई शुरू नहीं की है, वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो रोपाई का काम प्रभावित होगा और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।

तापमान ने बढ़ाई बेचैनी

शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिक तापमान के साथ वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का असर और तीखा महसूस हुआ। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नमी और गर्मी का यह मेल लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है, इसलिए दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

एक सप्ताह तक बारिश के आसार

राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह के अनुसार तराई क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। अगले एक सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस अवधि में आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

नजरें अब मानसून पर

जिले में किसान से लेकर आमजन तक अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खेतों को पानी चाहिए, शहर को गर्मी से राहत और लोगों को उमस से निजात। फिलहाल मौसम उम्मीद तो जगा रहा है, लेकिन बादल अब भी खुलकर बरसने से कतरा रहे हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन खेती और जनजीवन, दोनों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

संबंधित खबरें

अन्य 📍 Itwa

भनवापुर में 14 बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे पूर्व मंत्री: तेनुई से बामदेई तक ग्रामीणों का दर्द सुना, नाव और फसल मुआवजे के निर्देश

और पढ़ें →
तेनुई से बामदेई तक ग्रामीणों का दर्द सुना, नाव और फसल मुआवजे के निर्देश
अन्य 📍 Siddharthnagar

सिद्धार्थनगर के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे कपिलवस्तु विधायक: फसल नुकसान का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश, प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा

और पढ़ें →
 फसल नुकसान का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश, प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा
अन्य 📍 Siddharthnagar

शोहरतगढ़ के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे डॉ. नादिर सलाम: ग्रामीणों से जाना हाल, बिजली-खाद्य सामग्री और फसल मुआवजे की उठाई मांग

और पढ़ें →
ग्रामीणों से जाना हाल, बिजली-खाद्य सामग्री और फसल मुआवजे की उठाई मांग
अन्य 📍 इटवा/ एम. अंसारी

सिद्धार्थनगर में उमरा के लिए रवाना हुआ दंपती, गांव में खुशी का माहौल: तुरकौलिया तिवारी में फूल-मालाओं से हुआ स्वागत, मक्का-मदीना में अमन की दुआ करेंगे

और पढ़ें →
 तुरकौलिया तिवारी में फूल-मालाओं से हुआ स्वागत, मक्का-मदीना में अमन की दुआ करेंगे