सिद्धार्थनगर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच गुरुवार को जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने जनपद के प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक संचालित सभी विद्यालयों के समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव का आदेश जारी किया है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। आदेश जारी होते ही शिक्षा विभाग ने इसे लागू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा आदेश
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार यह आदेश जनपद के परिषदीय, माध्यमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा तथा अन्य सभी बोर्डों के विद्यालयों पर समान रूप से लागू रहेगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को बदले हुए समय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
38 से 42 डिग्री तापमान बना वजह
जिले में पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और उमस के कारण दोपहर तक हालात बेहद गर्म हो रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि दोपहर के समय पड़ने वाली तेज धूप और लू का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर पड़ सकता है। इसी खतरे को देखते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों का समय बदला गया है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नए समय का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश की अनदेखी करने वाले विद्यालयों अथवा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी सौंपी गई है।
स्कूलों को दिए गए अतिरिक्त निर्देश
प्रशासन ने विद्यालयों को बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने, उन्हें अनावश्यक रूप से धूप में न रोकने और निर्धारित समय पर छुट्टी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यालयों से गर्मी के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के सूती कपड़े और आवश्यक सावधानियों के साथ विद्यालय भेजें, ताकि भीषण गर्मी का उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने तक यह व्यवस्था विद्यार्थियों के हित में प्रभावी रहेगी।