सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस को बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में अदालत से सजा दिलाने में सफलता मिली। इनमें वर्ष 2022 के चर्चित हत्या मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि 23 साल पुराने आबकारी अधिनियम के मामले में एक आरोपी को अर्थदंड से दंडित किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थनगर की अदालत ने थाना मोहाना क्षेत्र के वर्ष 2022 के हत्या मामले में दोषी पाए गए रामसिलन यादव और उसकी पुत्री ज्योति यादव, निवासी बर्डपुर-05 टोला परसा विलहरी, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 8-8 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 233/2022 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 404, 411 और 201 के तहत आरोप तय किए गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सजा दिलाने में जिला मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक राजेश कुमार त्रिपाठी और न्यायालय पैरोकार आरक्षी पूरन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी दिन ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत थाना इटवा पुलिस को भी एक पुराने मामले में सफलता मिली। वर्ष 2003 में दर्ज आबकारी अधिनियम के मुकदमे में न्यायालय ने आरोपी बेचन उर्फ पांडे, निवासी कलुआभारी थाना पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर, को दोषी मानते हुए 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह मामला मुकदमा अपराध संख्या 447/2003 और धारा 60 आबकारी अधिनियम से संबंधित था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। इस मामले में अभियोजक जयहिंद त्रिपाठी और न्यायालय पैरोकार आरक्षी अवधेश पांडेय की भूमिका सराहनीय रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जिले में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लंबित मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को समयबद्ध सजा दिलाने और पुराने मामलों का प्रभावी निस्तारण अभियान की प्राथमिकता है। बुधवार को आए दोनों फैसले इसी अभियान की सफलता के तौर पर देखे जा रहे हैं।