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स्कूल से निकले, नाले तक पहुंचे... फिर नहीं लौटे: सिद्धार्थनगर में डूबने से दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत, गांव में मातम

 सिद्धार्थनगर में डूबने से दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत, गांव में मातम

सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र के मिरवापुर गांव में मंगलवार को दर्दनाक हादसे में दो मासूम चचेरे भाइयों की नाले में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे गांव के दक्षिण स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास नाले में नहाने चले गए थे। इसी दौरान गहरे पानी में डूबने से उनकी जान चली गई। एक अन्य बच्चे को आसपास मौजूद बच्चों ने किसी तरह बचा लिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

नाले में नहाने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मिरवापुर निवासी आयुष गोंड (8) पुत्र बबुआ, नील (5) पुत्र राम सजीवन और एक अन्य बालक नाले में नहा रहे थे। नहाते समय आयुष और नील गहरे पानी में चले गए और डूब गए। साथ मौजूद तीसरे बच्चे को आसपास के बच्चों ने समय रहते बाहर निकाल लिया। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एक नामांकित, दूसरा स्कूल का छात्र नहीं

घटना को लेकर विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे स्कूल गए थे और वहीं से नाले की ओर चले गए। वहीं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम भजन ने बताया कि घटना के समय मध्याह्न भोजन का समय था। उन्होंने कहा कि मृतक आयुष विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था, जबकि नील विद्यालय में नामांकित नहीं था।

दोनों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में जान गंवाने वाले आयुष और नील चचेरे भाई थे। आयुष के पिता बबुआ मुंबई में मजदूरी करते हैं। आयुष परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी एक पांच वर्षीय बहन है। वहीं नील भी अपने पिता राम सजीवन का इकलौता पुत्र था। उसकी एक तीन वर्षीय बहन है। दो मासूमों की एक साथ मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि यदि बच्चों पर समय रहते निगरानी रखी जाती तो यह हादसा टल सकता था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि घटना के समय शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पोस्टमार्टम से किया इंकार, प्रशासन पहुंचा गांव

परिजनों ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए। थाना प्रभारी अनूप कुमार मिश्र ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों की इच्छा के अनुसार पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई की गई। घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार मकबूल अंसारी भी गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और शासन स्तर से नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। अब पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे को लेकर गम का माहौल है।

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