सिद्धार्थनगर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज, सिद्धार्थनगर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और दुर्घटना के समय अपनाए जाने वाले जरूरी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही छात्रों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
दुर्घटनाएं रोकने के लिए जागरूकता अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात राजकुमार सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यातायात प्रभारी अजय कुमार सिंह यादव अपनी टीम के साथ विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के महत्व से अवगत कराया।
गुड समेरिटन योजना की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को सरकार की गुड समेरिटन योजना के तहत 25 हजार रुपये तक का पुरस्कार दिया जाता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी है और मददगारों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
स्टंटबाजी और तेज रफ्तार के खतरे बताए
यातायात पुलिस ने अवयस्कों द्वारा वाहन चलाने के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि कम उम्र में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसके अलावा तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने, सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
छात्रों से कहा- घर-घर पहुंचाएं सड़क सुरक्षा का संदेश
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपने अभिभावकों, रिश्तेदारों तथा अन्य लोगों को भी हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जागरूकता और नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।