सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चकमझारी गांव में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत और शव को घर के भीतर दफनाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। मामले ने पूरे जिले में चर्चा बटोरी थी, क्योंकि पुलिस ने कमरे की खुदाई कर युवती का शव बरामद किया था। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दहेज हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया था कि विवाह के बाद से ही उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को घर के भीतर ही दफना दिया गया। शिकायत के आधार पर थाना डुमरियागंज में मुकदमा अपराध संख्या 162/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2), 85, 238(बी) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
विशेष अभियान में तीनों आरोपी दबोचे गए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक प्रकाश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार को तीनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शमशेर पुत्र नीबर, नीबर पुत्र स्वर्गीय सफई तथा खुशबून पत्नी नीबर, निवासी ग्राम चकमझारी, थाना डुमरियागंज शामिल हैं।
न्यायालय में पेश, जांच जारी
पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में उपनिरीक्षक अकरम खान, हेड कांस्टेबल रामभजन गौड़, आरक्षी अमन प्रतीक दूबे, आदित्य पाण्डेय तथा महिला आरक्षी नीशू शामिल रहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष ढंग से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।