सिद्धार्थनगर जिले के खुनियांव क्षेत्र स्थित उड़वालिया दरिया शाह बाबा की मजार पर गुरुवार को मोहर्रम की नौवीं के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मजार पर पहुंचे और चादर चढ़ाकर अमन, चौन और खुशहाली की दुआ मांगी। दिनभर मजार परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
पुरानी परंपरा से जुड़ी है लोगों की आस्था
सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। लोगों ने दरगाह पर फूल अर्पित किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य तथा समाज में शांति और भाईचारे की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि दरिया शाह बाबा की मजार से उनकी वर्षों पुरानी आस्था जुड़ी हुई है और वे हर वर्ष मोहर्रम की नवमी पर यहां हाजिरी लगाने आते हैं।
महिलाओं और युवाओं की भी रही अच्छी भागीदारी
मजार परिसर में धार्मिक और श्रद्धामय माहौल देखने को मिला। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर मजार पर मत्था टेका और दुआएं मांगीं। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को आपसी सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए समाज में शांति और एकता का संदेश दिया।
भीड़ के बीच व्यवस्थाएं संभालने में जुटे स्थानीय लोग
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गईं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मजार परिसर और आसपास के इलाके में दिनभर चहल-पहल बनी रही। स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम करने में सहयोग किया।
क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है मजार
श्रद्धालुओं का कहना है कि उड़वालिया स्थित दरिया शाह बाबा की मजार क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां वर्षों से लोग अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। मोहर्रम की नवमी पर यहां आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।