सिद्धार्थनगर जिले के खुनियाँव क्षेत्र अंतर्गत बिडरा गांव में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न स्थलों पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मोहर्रम के दसवें दिन आयोजित तकरीरों में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के वाकये को विस्तार से बयान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने भाग लेकर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम को सुना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना कारी मारूफ हुसैन ने कर्बला की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं बल्कि सत्य, न्याय, त्याग और इंसानियत की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार ने अन्याय के सामने झुकने के बजाय कुर्बानी का रास्ता चुना, जिससे पूरी दुनिया को सच्चाई और इंसाफ का संदेश मिला। मौलाना ने लोगों से आपसी भाईचारा, अमन-चैन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
तकरीर के दौरान उपस्थित लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ कर्बला के शहीदों को याद कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम के समापन के बाद लोगों के बीच सबील पिलाई गई तथा सभी ने मिलकर दुआ मांगी। दुआ में क्षेत्र की खुशहाली, देश में अमन-चैन, भाईचारा और इंसानियत कायम रहने की कामना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सबील ग्रहण कर एक-दूसरे को प्रेम, शांति और एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू एवं मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे तथा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहर्रम का संदेश त्याग, धैर्य और मानवता को मजबूत करने का है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कुतबुद्दीन अंसारी, मोहम्मद फय्याज, अब्दुल अजीज, अनीस अंसारी, मोहम्मद अमीर, मोहम्मद एजाज, अब्दुल वफ़ा, मोहम्मद समीर, मोहम्मद जमील, मोहम्मद शमशेर, मो. नसीम, गुड्डू, मोहम्मद नियाज, शमशुद्दीन, मो. मेहताब आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।