सिद्धार्थनगर में साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई का एक और उदाहरण सामने आया है। सिद्धार्थनगर पुलिस की साइबर सेल और थाना इटवा पुलिस की संयुक्त पहल से एईपीएस (AEPS) के जरिए ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते में 9,700 रुपये वापस करा दिए गए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम का आभार जताया।
AEPS के जरिए हुई थी ठगी
थाना इटवा क्षेत्र के भगौसा गांव निवासी भूजे ने 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 1 मार्च 2026 को एईपीएस (आधार सक्षम भुगतान प्रणाली) के माध्यम से उनके बैंक खाते से 9,700 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद मामला थाना इटवा पुलिस और साइबर सेल के संज्ञान में आया, जिसके बाद धनराशि वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैंक और साइबर टीम के समन्वय से मिली सफलता
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में थाना इटवा की साइबर टीम ने संबंधित बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की तकनीकी जांच की। लगातार की गई कार्रवाई के बाद ठगी गई पूरी 9,700 रुपये की राशि शुक्रवार को पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
समय पर शिकायत करना जरूरी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के शिकार होते हैं तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी नागेंद्र सिंह, आरक्षी सतीश गौड़, महिला कांस्टेबल मंजू चौहान और महिला कांस्टेबल श्रीयंका सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।