सिद्धार्थनगर जिले में रक्षाबंधन पर परिवार के साथ नेपाल घूमने गए इटवा के स्वर्ण व्यवसायी प्रभात सोनी (34) की झरने में अचानक आए तेज पानी के सैलाब की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा नेपाल के बुटवल क्षेत्र में शनिवार को हुआ। प्रभात परिवार के साथ झरने में नहा रहे थे, इसी दौरान पहाड़ की चोटी से अचानक पानी का तेज बहाव आया और वह उसमें बह गए। सूचना के बाद नेपाली प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी तलाश के बाद झरने के स्रोत से निकले नाले में उनका शव बरामद हुआ। सिर में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शनिवार देर रात प्रभात का शव एंबुलेंस से इटवा पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार रात में ही अयोध्या धाम में पिता अवधेश सोनी ने जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
रक्षाबंधन पर ननिहाल से नेपाल गए थे
परिजनों के मुताबिक रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार को प्रभात अपनी मां मंजू देवी, छोटे भाई शिवा और बहन आंचल के साथ कार से मऊ-जिगिनिहवा स्थित ननिहाल पहुंचे थे। राखी की रस्म पूरी होने के बाद वह मां, भाई-बहन और मामा के परिवार के सदस्यों के साथ नेपाल घूमने निकल गए। परिवार ने नेपाल में रात में विश्राम किया। शनिवार सुबह सभी लोग बुटवल स्थित सिद्धेश्वर बाबा मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। रास्ते में झरना दिखाई देने पर परिवार के कुछ लोग वहां रुक गए। इसी दौरान प्रभात अन्य लोगों के साथ झरने में नहाने लगे। अचानक पहाड़ की ओर से पानी का तेज बहाव आया और प्रभात उसकी चपेट में आ गए।
चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू
अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने आसपास के लोगों से मदद मांगी और नेपाली प्रशासन को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने तत्काल तलाश शुरू की। काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद प्रभात का शव झरने के स्रोत से निकले नाले में बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। नेपाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की।
शव पहुंचा तो घर में मचा कोहराम
प्रभात की मौत की खबर इटवा पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। पिता अवधेश सोनी और अन्य परिजन नेपाल पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव लेकर इटवा लौटे। शनिवार देर रात एंबुलेंस से शव घर पहुंचा तो मां मंजू बेटे का चेहरा देखकर बदहवास हो गईं। पत्नी लाली का भी रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ समय पहले जिस घर में रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां बेटे की मौत के बाद चीख-पुकार और सिसकियां गूंजने लगीं।
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
प्रभात अपने पीछे पत्नी लाली और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी करीब चार वर्ष और छोटी करीब डेढ़ वर्ष की है। पति की मौत से पत्नी सदमे में हैं। मां को रोता देखकर दोनों बच्चियां भी सहम जाती हैं। प्रभात दो भाइयों में बड़े थे। छोटे भाई शिवा और बहन आंचल भी भाई की मौत से टूट गए हैं। रक्षाबंधन पर बहन ने जिस भाई की कलाई पर राखी बांधी थी, उसी भाई को कुछ घंटों बाद खो देना परिवार के लिए गहरा सदमा बन गया।
पिता ने दी बेटे को अंतिम विदाई
रात में अंतिम दर्शन के बाद प्रभात का शव अंतिम संस्कार के लिए अयोध्या धाम ले जाया गया। वहां नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार हुआ। पिता अवधेश सोनी ने कांपते हाथों से जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। परिवार के लिए यह पल बेहद पीड़ादायक रहा। जिस बेटे के सकुशल लौटने की उम्मीद थी, उसी बेटे को पिता ने अंतिम विदाई दी।
आंगन में अब सिर्फ यादें रह गईं
अंतिम संस्कार के बाद भी प्रभात के घर में मातम का माहौल है। रिश्तेदार और परिचित लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। प्रभात का नाम आते ही घर में फिर सिसकियां गूंज उठती हैं। मां की निगाहें बार-बार दरवाजे की ओर उठ जाती हैं। पत्नी लाली दोनों बेटियों को सीने से लगाकर रो पड़ती हैं। रक्षाबंधन पर जिस घर में परिवार के साथ खुशियां थीं, वहां अब प्रभात की तस्वीर और उनकी यादें रह गई हैं।