सिद्धार्थनगर जिले में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने निगरानी और कड़ी कर दी है। बुधवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने उसका बाजार विकासखंड स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड, देवलहा ग्रांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की और रजिस्टर में दर्ज किसानों से सीधे फोन पर बात कर खाद वितरण की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की।
रजिस्टर से किसानों तक पहुंची जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समिति के स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर का मिलान किया। इसके बाद रजिस्टर में दर्ज किसानों के मोबाइल नंबर पर फोन कर उनसे यह जानकारी ली कि उन्हें खाद मिली या नहीं तथा किस दर पर उपलब्ध कराई गई। डीएम के इस तरीके से समिति कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
निर्धारित दर से अधिक वसूली नहीं होगी
जिलाधिकारी ने समिति के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खाद केवल शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता या अतिरिक्त वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आधार और मोबाइल नंबर दर्ज करने के निर्देश
डीएम ने कहा कि खाद वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक किसान का आधार नंबर और मोबाइल नंबर वितरण रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। इससे भविष्य में सत्यापन और निगरानी की प्रक्रिया आसान होगी तथा किसी भी शिकायत की तत्काल जांच की जा सकेगी।
पारदर्शिता पर प्रशासन का फोकस
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण जारी रखने और सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।