सिद्धार्थनगर जिले में वन महोत्सव-2026 के तहत नगर पंचायत बिस्कोहर में सोमवार को आयोजित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश देकर संपन्न हुआ। नगर पंचायत कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने पौधरोपण कर लोगों से हर व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
पौधा लगाकर भूलना नहीं, उसे वृक्ष भी बनाना है
पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान केवल औपचारिक पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और संतुलित पर्यावरण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण आवश्यक है। इसके साथ ही पौधों की देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल पौधे लगाने से नहीं बल्कि उन्हें जीवित रखकर वृक्ष बनाने से अभियान सफल होगा।
जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान
पूर्व मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। उन्होंने लोगों से अपने घर, खेत, विद्यालय और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
पौधरोपण कर बांटे गए पौधे
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री ने स्वयं पौधरोपण किया और उपस्थित लोगों को पौधे वितरित किए। सभी से पौधों की नियमित देखभाल करने तथा उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प भी दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता, सत्य नारायण दुबे, शत्रुघ्न पांडेय, शिवजी, जसवंत सिंह, राजू सिंह, गौकरण पाठक, रवि सिंह, साधु अवस्थी, राजमणि दुबे, रामनरेश पासवान, अखिलेश अवस्थी, मिंटू मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ने और अधिकाधिक पौधरोपण का संकल्प लेने के साथ हुआ।