सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग का एक मामला सुखद अंजाम तक पहुंचा। 27 जून से लापता युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद दोनों परिवार आमने-सामने बैठे, रिश्ते पर सहमति बनी और आखिरकार दुर्गा मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से प्रेमी युगल का विवाह करा दिया गया। शादी की सबसे खास तस्वीर तब सामने आई, जब युवती के पिता ने अपनी मौजूदगी में बेटी का कन्यादान किया।
गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस हुई सक्रिय
भवानीगंज थाना क्षेत्र के सागर रौजा निवासी अंजू शर्मा 27 जून को घर से चली गई थीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत भवानीगंज थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की और युवती को सकुशल बरामद कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
पांच महीने पहले शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि अंजू शर्मा का गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के चंपा नगर पिपरा इस्माइल निवासी गोपाल पांडे से पिछले करीब पांच महीने से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे और अपनी मर्जी से साथ रहने का फैसला कर चुके थे।
परिवारों ने बदला फैसला, रिश्ते को दी मंजूरी
युवती के घर लौटने के बाद दोनों परिवारों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। रिश्ते पर सहमति बनने के बाद तय किया गया कि दोनों की शादी सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कराई जाएगी। इसके बाद भवानीगंज स्थित दुर्गा मंदिर में विवाह का आयोजन किया गया।
पिता ने निभाई सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मंदिर में आयोजित विवाह समारोह के दौरान युवती के पिता स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ बेटी का कन्यादान किया। अंजू और गोपाल ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, सात फेरे लिए और वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। दोनों परिवारों के लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
पुलिस बोली- दोनों बालिग, पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया
भवानीगंज पुलिस के मुताबिक युवती के बरामद होने के बाद सभी आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। जांच में दोनों के बालिग होने की पुष्टि हुई। परिवारों की सहमति मिलने के बाद परिजनों की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले का शांतिपूर्ण और विधिसम्मत तरीके से निस्तारण किया गया।