सिद्धार्थनगर जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय बांसी में सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के औचक निरीक्षण से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान परिसर और मैदान में गंदगी के साथ जगह-जगह घास मिली। साफ-सफाई की स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और डिप्टी कमिश्नर, नवोदय विद्यालय समिति, लखनऊ को प्रधानाचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र भेजने का निर्देश दिया।
सभी शिक्षक मिले उपस्थित
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले विद्यालय की उपस्थिति पंजिका देखी। पंजिका के अनुसार सभी शिक्षक उपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी देखा गया। जिलाधिकारी ने बालक और बालिका छात्रावास का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा भोजनालय पहुंचकर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। विद्यालय में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली।
गंदगी और घास पर जताई नाराजगी
विद्यालय परिसर और मैदान में गंदगी तथा घास मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राएं रहते हैं, ऐसे में परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए।
15 दिन की मोहलत, फिर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर विद्यालय की साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। विशेष रूप से जनरेटर व्यवस्था को ठीक कराने को कहा गया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में व्यवस्थाएं सही नहीं हुईं तो जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने डिप्टी कमिश्नर, नवोदय विद्यालय समिति, लखनऊ को प्रधानाचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र प्रेषित करने का निर्देश भी दिया।
व्यवस्था सुधारने पर जोर
औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को किसी भी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। डीएम के निरीक्षण के बाद विद्यालय प्रशासन को अब 15 दिन के भीतर साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने की चुनौती है। प्रशासन की ओर से आगे भी विद्यालय की व्यवस्थाओं की निगरानी किए जाने की संभावना है।