सिद्धार्थनगर जिले के जोगिया उदयपुर थाना पुलिस ने लगातार दो दिन तक चलाए गए सघन खोज अभियान के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ एक लापता युवती को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त कार्रवाई से युवती को सुरक्षित खोज निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे नियमानुसार परिवार को सौंप दिया गया।
नदी में डूबने की सूचना पर शुरू हुआ अभियान
पुलिस के मुताबिक, 7 जुलाई को पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली थी कि जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के अजमागढ़ गांव की रहने वाली एक युवती नदी किनारे कूड़ा फेंकने गई थी और उसके नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही थी। सूचना मिलने के बाद थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि युवती की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, जिससे उसकी तलाश और चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
पुलिस और गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों के साथ नदी और आसपास के गांवों में लगातार सर्च अभियान चलाया। दो दिनों तक चले अभियान के दौरान संभावित स्थानों की गहन तलाशी ली गई। आखिरकार गुरुवार को युवती सकुशल बरामद कर ली गई।
प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को सौंपा
बरामदगी के बाद पुलिस ने युवती का प्राथमिक उपचार कराया। स्वास्थ्य की पुष्टि होने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। युवती के सुरक्षित मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम के त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस अभियान में थानाध्यक्ष अभय सिंह के अलावा उपनिरीक्षक मुस्तकीम अंसारी, कांस्टेबल राजाराम राजभर, विजय प्रजापति, महिला कांस्टेबल रानी विश्वकर्मा और सुशीला कुशवाहा की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी गुमशुदगी या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।