सिद्धार्थनगर जिले में मिशन शक्ति फेज-5.0 (II) के तहत सिद्धार्थनगर महिला थाना में पारिवारिक विवादों के निस्तारण की पहल रंग ला रही है। रविवार को महिला थाना परिसर में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र पर काउंसलिंग के बाद 13 दंपतियों के बीच चल रहा मनमुटाव दूर कराया गया। समझाइश और आपसी बातचीत के बाद सभी 13 परिवारों को एक साथ विदा किया गया। महिला थाना पुलिस के अनुसार, परिवारों में विवाद के कारण पति-पत्नी के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मिशन शक्ति केंद्र की काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों की बात सुनी और विवाद के कारणों को समझने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान दंपतियों को आपसी मतभेद दूर कर परिवार को साथ रखने के लिए समझाया गया।
बातचीत से दूर किया गया मनमुटाव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के नेतृत्व और अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन में महिला थाना में पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए लगातार काउंसलिंग की जा रही है। क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में और महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के नेतृत्व में मिशन शक्ति केंद्र परिवारों को टूटने से बचाने पर जोर दे रहा है। रविवार को हुई काउंसलिंग में पति-पत्नी के बीच बातचीत कराई गई। पुलिस की पहल के बाद दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद सभी 13 दंपतियों को साथ विदा किया गया।
सिद्धार्थनगर के साथ संतकबीरनगर के परिवार भी शामिल
काउंसलिंग से जिन परिवारों का विवाद सुलझाया गया, उनमें सिद्धार्थनगर के अलावा संतकबीरनगर जिले के परिवार भी शामिल रहे। रीना-अनिल, बंदना-बाबूराम, अंकिता-शनि आनंद, नूरसना-हनीफ, संजीरू-महेश, रोली-राज गुप्ता, रुबीना-वारिस अली, अंजली-अमन, मनीषा-बृजेश, आशिया खातून-समीम और निर्मला-देवकीनंदन समेत 13 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। इनमें उषा-अजय निवासी पिपरा मन्नैतापुर थाना बेलहा और अंजनी-राम आशीष निवासी सौराहा थाना बखिरा, जनपद संतकबीरनगर भी शामिल हैं।
परिवार टूटने से बचाना प्राथमिकता
महिला थाना पुलिस का कहना है कि घरेलू विवाद कई बार बढ़कर परिवार के बिखरने की वजह बन जाते हैं। ऐसे मामलों में सीधे कार्रवाई के साथ-साथ बातचीत और काउंसलिंग भी महत्वपूर्ण होती है। मिशन शक्ति केंद्र में इसी उद्देश्य से पति-पत्नी और उनके परिजनों की बात सुनकर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है।
काउंसलिंग टीम का अहम योगदान
13 परिवारों को साथ भेजने में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के साथ काउंसलिंग टीम की महिला मुख्य हेड कांस्टेबल आशा गौंड, महिला हेड कांस्टेबल रीना रावत, महिला कांस्टेबल प्रियंबदा सिंह, संगीता, शिखा खरवार और शिवानी सिंह की भूमिका रही। महिला थाना की यह पहल घरेलू विवादों में समझौते और संवाद के जरिए परिवारों को टूटने से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का फोकस विवादों के निस्तारण के साथ दंपतियों के बीच आपसी समझ और विश्वास बहाल कराने पर है।