सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज क्षेत्र के बहेरिया गांव में शुक्रवार को भारतीय जनसंघ के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। बूथ संख्या 225 पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान संघ अध्यक्ष दिलीप पांडेय के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, राजनीतिक विचार और उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया।
एकात्म मानववाद पर हुई चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान संघ अध्यक्ष दिलीप पांडेय उर्फ छोटे पांडेय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय विचारक, दार्शनिक और राजनेता थे तथा भारतीय जनसंघ के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने भारत के विकास और सामाजिक व्यवस्था को लेकर एकात्म मानववाद का विचार प्रस्तुत किया। उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद को भारतीय जनसंघ की विचारधारा के रूप में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया था। 1965 में विजयवाड़ा अधिवेशन में इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था।
पूंजीवाद और साम्यवाद के विकल्प की बात
दिलीप पांडेय ने कहा कि एकात्म मानववाद में व्यक्ति और समाज के समग्र विकास पर जोर दिया गया। उन्होंने इसे पश्चिमी पूंजीवाद और साम्यवाद से अलग दृष्टिकोण के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास और सामाजिक व्यवस्था को समझने पर जोर दिखाई देता है। भारतीय जनसंघ के साथ उनके लंबे जुड़ाव और संगठनात्मक भूमिका का उल्लेख उपलब्ध दस्तावेजों में भी मिलता है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
जयंती कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों को याद किया। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े लोग भी शामिल हुए। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को देश के प्रमुख राजनीतिक विचारकों और उनके विचारों के बारे में जानकारी मिलती है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में विरेंद्र दूबे, राजेंद्र पाण्डेय, अज्ञाराम शर्मा, राम विलास वर्मा, मनोज गौतम, दिनेश शुक्ला, गया प्रसाद, महेश धुरिया, दिलीप नेता और राजमणि समेत अन्य लोग मौजूद रहे।