सिद्धार्थनगर जिले में मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत महिला थाना सिद्धार्थनगर ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद सुलझाने की दिशा में अहम पहल की। रविवार को महिला थाना परिसर स्थित मिशन शक्ति केंद्र में काउंसलिंग के बाद आपसी मतभेदों से जूझ रहे 11 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। लंबी बातचीत, पारिवारिक परामर्श और आपसी सहमति के बाद सभी दंपती अपने मतभेद भुलाकर एक साथ घर लौटे।
काउंसलिंग से सुलझे रिश्तों के विवाद
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के नेतृत्व में मिशन शक्ति केंद्र पर सभी मामलों की विस्तार से सुनवाई की गई। पति-पत्नी दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना गया और रिश्तों में आई दूरियों को बातचीत के जरिए खत्म करने का प्रयास किया गया। काउंसलिंग के बाद सभी 11 मामलों में आपसी सहमति बनी और परिवारों को दोबारा साथ रहने के लिए विदा किया गया।
टीम ने निभाई अहम भूमिका
पारिवारिक विवादों को सुलझाने में महिला थाना की काउंसलिंग टीम की सक्रिय भूमिका रही। टीम में महिला हेड कांस्टेबल रीना रावत, महिला आरक्षी संगीता गौतम, शिखा खरवार, प्रगति राय और शिवानी सिंह ने प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से संवाद कर विवाद के कारणों को समझा। इसके बाद आपसी विश्वास बहाल कर दंपतियों को रिश्ते को एक और मौका देने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन शक्ति का सामाजिक सरोकार
महिला थाना द्वारा संचालित मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां संभव हो, वहां आपसी संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से परिवारों को टूटने से बचाना भी है। इसी क्रम में रविवार को निस्तारित किए गए मामलों में सभी पक्षों ने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया।
11 परिवारों की हुई घर वापसी
काउंसलिंग के बाद जिन परिवारों में समझौता हुआ, उनमें शोहरतगढ़, सदर, बांसी, खेसराहा, चिल्हिया, जोगिया तथा अन्य थाना क्षेत्रों के दंपती शामिल रहे। सभी ने भविष्य में आपसी विश्वास और सम्मान के साथ वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। महिला थाना पुलिस का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत आगे भी पारिवारिक विवादों में संवाद और काउंसलिंग को प्राथमिकता देते हुए परिवारों को टूटने से बचाने का प्रयास जारी रहेगा।