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सिद्धार्थनगर में घर से खेलते हुए निकला 4 साल का मासूम : मैदान में पड़े रोटावेटर में फंसकर हुई दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

मैदान में पड़े रोटावेटर में फंसकर हुई दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

सिद्धार्थनगर जिले के इटवा कस्बे में सोमवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घर के बाहर खेल रहा चार वर्षीय मासूम अचानक लापता हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक तलाश के बाद उसका शव मैदान में पड़े रोटावेटर में फंसा मिला। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे कस्बे में मातम का माहौल है।

खेलते-खेलते घर से निकला, फिर नहीं लौटा

जानकारी के मुताबिक कस्बा निवासी मुस्ताक का चार वर्षीय पुत्र सरफराज सोमवार शाम करीब आठ बजे घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद वह अचानक नजरों से ओझल हो गया। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। परिवार के लोग रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के साथ मोहल्ले और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश में जुट गए, लेकिन काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

रात में मिली दर्दनाक सूचना

करीब रात साढ़े नौ बजे सूचना मिली कि मैदान में पड़े एक कृषि यंत्र रोटावेटर में एक बच्चा फंसा हुआ है। खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में सरफराज को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा ले गए। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल

मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल और पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए। पूरे कस्बे में इस हादसे को लेकर गहरा शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

लापरवाही ने छीनी मासूम की जान

यह हादसा खेतों और खुले स्थानों पर असुरक्षित तरीके से छोड़े गए कृषि यंत्रों के खतरे को फिर सामने लाता है। रोटावेटर, थ्रेसर और अन्य भारी कृषि उपकरण यदि खुले में पड़े रहें तो वे छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने ऐसे उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

सतर्कता ही बचा सकती है जिंदगी

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों पर लगातार निगरानी रखना और उन्हें खेतों, मशीनों व अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रखना बेहद जरूरी है। वहीं कृषि यंत्रों के मालिकों को भी उपयोग के बाद मशीनों को सुरक्षित स्थान पर रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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