सिद्धार्थनगर। बेतनार मुस्तहकम गांव में शिवलिंग और जमीन विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के गांव पहुंचने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील के कुछ ही घंटों बाद भाजपा ने उनके दौरे पर सवाल खड़े कर दिए। पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने नेता प्रतिपक्ष पर आरोपितों के प्रति सहानुभूति दिखाने का आरोप लगाते हुए उनके दौरे को लेकर तीखा पलटवार किया है। इसके साथ ही यह मामला अब स्थानीय विवाद से निकलकर सपा और भाजपा के बीच नई राजनीतिक तकरार का मुद्दा बन गया है
नफरत फैलाने वालों को कामयाब नहीं होने देंगेः माता प्रसाद
मंगलवार देर शाम बेतनार मुस्तहकम पहुंचे नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिंदू-मुस्लिम के बीच वैमनस्य फैलाकर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोगों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि गांव की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी विवाद का समाधान कानून और आपसी संवाद से होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और किसी निर्दाेष व्यक्ति को परेशान न करने की मांग भी की।
पीड़ितों से दूरी, आरोपितों से हमदर्दी क्यों: सतीश द्विवेदी
नेता प्रतिपक्ष के बयान के बाद पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने सीधे उनके रुख पर सवाल उठा दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि डुमरियागंज क्षेत्र में रामसरन यादव की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उनके परिजनों से मिलने तक नहीं पहुंचे, लेकिन बेतनार की घटना में नामजद आरोपितों के घर जाने में उन्होंने देर नहीं की। पूर्व मंत्री ने कहा कि गांव में एक गड़रिया परिवार की झोपड़ी उजाड़ने, जान से मारने की धमकी देने और शिवलिंग के अपमान जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में आरोपितों के घर जाकर उनसे मुलाकात करना पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। पूर्व मंत्री ने समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि सपा पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की राजनीति करती है तो फिर यादव और गड़रिया समाज के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व पीड़ितों के साथ खड़ा होना है, न कि आरोपितों के पक्ष में खड़े होने का संदेश देना।