सिद्धार्थनगर जिले में पंचायत सहायकों की लंबित मांगों को लेकर विकास खंड खुनियांव में मंगलवार को विरोध तेज हो गया। ब्लॉक के पंचायत सहायकों ने एडीओ पंचायत राकेश पाठक को पत्र सौंपकर ऑनलाइन उपस्थिति समेत सभी विभागीय कार्यों के बहिष्कार की सूचना दी। पंचायत सहायकों ने स्पष्ट किया कि शासन स्तर से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर लिखित आदेश जारी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
7 सितंबर से लखनऊ में धरना
पंचायत सहायकों ने पत्र में कहा कि प्रदेशभर के पंचायत सहायक अपनी विभिन्न न्यायोचित और लंबित मांगों को लेकर 7 सितंबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। संगठन का कहना है कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। पंचायत सहायक लगातार अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्याओं के समाधान को लेकर शासन स्तर से कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।
ऑनलाइन उपस्थिति का भी बहिष्कार
प्रदेश संगठन के निर्णय का हवाला देते हुए पंचायत सहायकों ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए शासनादेश या आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जाएगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के विभागीय कार्यों से भी दूरी बनाने की घोषणा की है।पंचायत सहायकों का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट निर्णय और लिखित आदेश जरूरी है। केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
बोले- काम के लिए बाध्य न किया जाए
एडीओ पंचायत को दिए पत्र में पंचायत सहायकों ने आग्रह किया कि जब तक प्रदेश स्तर पर उनकी मांगों के संबंध में ठोस फैसला नहीं हो जाता, तब तक उन्हें किसी भी विभागीय कार्य के लिए बाध्य न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहे।अनिश्चितकालीन धरने में उनकी सहभागिता जारी रहेगी।पंचायत सहायकों ने अपने आंदोलन को संगठन के निर्णय के अनुरूप बताते हुए कहा कि मांगों के निस्तारण तक कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले ऑनलाइन और ऑफलाइन काम प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
ये पंचायत सहायक रहे मौजूद
पत्र सौंपने के दौरान पंचायत सहायक अशोक कुमार, अमर सोनी, विनय शुक्ला, वीरेंद्र कुमार, वासुदेव, राजेश यादव और शिवा समेत अन्य पंचायत सहायक मौजूद रहे। पंचायत सहायकों ने शासन से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेकर लिखित आदेश जारी करने की मांग की है।