सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्वांचल की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी के नेता और उतरौला विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी रहे हसीब खान ने समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव फिरोज खान समेत कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस का हाथ थामा। इस घटनाक्रम को पूर्वांचल की राजनीति में अहम माना जा रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
प्रदेश मुख्यालय में ग्रहण की सदस्यता
हसीब खान ने गुरुवार को लखनऊ स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, वरिष्ठ नेता धीरज गुर्जर तथा अमेठी से सांसद के.एल. शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही।
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी बदला दल
हसीब खान के साथ समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव फिरोज खान, महसी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े राजेश शुक्ला, समाजवादी पार्टी के जिला सचिव अरुण सिंह, वरिष्ठ कार्यकर्ता सलीम सहित विभिन्न दलों से आए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी रही।
पूर्वांचल की राजनीति में चर्चा तेज
हसीब खान लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और उतरौला विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करते रहे हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्वांचल के कई विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न दल अपने संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में नेताओं के दल बदलने की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
2027 चुनाव पर रहेंगी निगाहें
विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में हसीब खान और उनके समर्थकों के कांग्रेस में शामिल होने को भी इसी राजनीतिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसका वास्तविक चुनावी असर क्या होगा, यह आने वाले समय और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर नए सदस्यों का स्वागत किया है। वहीं, इस राजनीतिक बदलाव के बाद पूर्वांचल की सियासत में संभावित नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।