सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चकमंझारी गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। महज कुछ सप्ताह पहले निकाह कर ससुराल आई युवती का शव उसके ही घर के कमरे में छह फीट नीचे दफन मिला। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपितों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गुमशुदगी की कहानी पर पुलिस को हुआ शक
पुलिस के मुताबिक, चकमंझारी गांव निवासी शमशेर अहमद की पहचान संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के दसहवां गांव निवासी मुफीदुन से हुई थी। दोनों का 1 जून 2026 को मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह हुआ था। निकाह के बाद युवती अपने ससुराल में रह रही थी। बताया गया कि 13 जुलाई को पति ने थाना डुमरियागंज में प्रार्थना पत्र देकर पत्नी के 11 जुलाई से लापता होने की सूचना दी थी। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और उसने गहराई से पड़ताल शुरू कर दी।
मां ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
इसी बीच मंगलवार को मृतका की मां सफीदुन्निशा ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी की दहेज के लिए हत्या कर शव घर के भीतर ही दफना दिया गया है। उन्होंने बताया कि निकाह के कुछ समय बाद से ही पति, सास और ससुर कथित रूप से एक लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मृतका ने इसकी जानकारी फोन पर भी अपने मायके वालों को दी थी।
कमरे की ताजा लिपाई ने खोला राज
तहरीर मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश यादव फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान कमरे में ताजा लिपाई देख पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद कमरे की खुदाई कराई गई, जहां करीब छह फीट नीचे नवविवाहिता का शव दफन मिला। शव बरामद होते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
पति, सास और ससुर पर मुकदमा, गिरफ्तारी के प्रयास तेज
पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर के आधार पर पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके। प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश यादव ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।