सिद्धार्थनगर में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा लेपित डोरी की बिक्री व उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर शनिवार को राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को ऐसे मांझे से होने वाली जनहानि, सड़क दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान के प्रति आगाह करते हुए इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने में सहयोग करने की अपील की।
'चाइनीज मांझा जानलेवा, बिक्री से बचें'
कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि चाइनीज और सिंथेटिक मांझा सामान्य पतंगबाजी का साधन नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सीसा लेपित और सिंथेटिक डोरी से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को गंभीर चोटें पहुंचने और कई मामलों में जान जाने तक की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण बेहद जरूरी है। व्यापारियों से अपील की गई कि वे प्रतिबंधित मांझे का कारोबार न करें और यदि कहीं इसकी बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचित करें।
जीएसटी अनुपालन पर भी दिया गया जोर
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और नियमानुसार कर भुगतान करने के लिए भी जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि समय से रिटर्न दाखिल करने और कर जमा करने से अनावश्यक ब्याज, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है। व्यापारियों से कर प्रणाली का ईमानदारी से पालन करने की अपील की गई।
व्यापार मंडल पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की ओर से उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ बंधु, उपायुक्त विजय सिंह विसेन, सहायक आयुक्त मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त परमहंस यादव, राज्य कर अधिकारी महेंद्र सिंह तथा राज्य कर अधिकारी जय प्रकाश भारती मौजूद रहे। वहीं व्यापार मंडल सिद्धार्थनगर के पदाधिकारी अजय कसौधन, राजकमल जायसवाल, भीमचंद, शुभम, उत्तम श्रीवास्तव, शिवदत्त अग्रहरि, रणजीत कसौधन, शिव कुमार कसौधन, ओमप्रकाश कसौधन समेत सिंथेटिक और नॉयलॉन ट्रेड से जुड़े कई व्यापारी भी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।