सिद्धार्थनगर जिले के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर बुधवार को लोहिया कला भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया। बैठक की अध्यक्षता सांसद जगदंबिका पाल ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि दिशा बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों का वेतन रोका जाए। साथ ही विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा, विधायक सैय्यदा खातून, विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा
बैठक की शुरुआत पिछली दिशा बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा से हुई। सांसद जगदंबिका पाल ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन पर विशेष जोर
सांसद ने विद्युत विभाग को नए मजरों और टोलों के विद्युतीकरण के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है और जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बैठक में बताया गया कि जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जर्जर बिजली तारों को बदलने और ट्रांसफार्मरों के उच्चीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है। सांसद ने आरडीएसएस योजना के तहत सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने और जिले में नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के लिए प्रस्ताव भेजने पर भी जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों से ही हो शिलान्यास और लोकार्पण
सांसद जगदंबिका पाल ने निर्देश दिया कि जिले में स्वीकृत सभी सड़क और अन्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण संबंधित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पूर्व दौरे में जिन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ था, उनके शिलापट्ट कार्यस्थलों पर अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश भी दिए।
सिद्धार्थनगर को पिछड़े जिलों की श्रेणी से बाहर लाना लक्ष्य
बैठक में सांसद ने जिलाधिकारी से कहा कि सभी विभागों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराया जाए, ताकि सिद्धार्थनगर विकास के मामले में अग्रणी जिलों की श्रेणी में शामिल हो सके। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सभी अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, अधीक्षण अभियंता विद्युत, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और दिशा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।