सिद्धार्थनगर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गोल्हौरा थाना पुलिस की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को एएसजे/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने सुनाया। पुलिस ने इसे महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान की बड़ी सफलता बताया है।
पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा
पुलिस के अनुसार, वाद संख्या 180/2026 एवं मुकदमा अपराध संख्या 16/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 87, 64(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत सुनवाई चल रही थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एएसजे/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) वीरेन्द्र कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
लखीमपुर खीरी का रहने वाला है दोषी
दोषी की पहचान मंजीत चौहान, पुत्र पृथ्वीलाल, निवासी लोनियनपुरवा लौकाही, थाना ईशानगर, जनपद लखीमपुर खीरी के रूप में हुई है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
मजबूत पैरवी बनी सजा की वजह
पुलिस के मुताबिक, मामले में जिला मॉनिटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार पाठक तथा न्यायालय पैरोकार आरक्षी मुकेश कुमार प्रजापति (थाना गोल्हौरा) ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर दोष सिद्ध हुआ और आरोपी को कठोर सजा मिली।
'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जनपद पुलिस गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित और प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता पर संबंधित पुलिस टीम, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।