सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड खुनियांव क्षेत्र के गौरा बाजार से पलटा जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग आज भी बदहाल और कच्चा पड़ा है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरने से रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। इससे पैदल चलने वालों के साथ बाइक और अन्य वाहनों से आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने के बावजूद अब तक मार्ग को पक्का कराने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। रोजमर्रा के आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाले इस रास्ते से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।
बारिश में रास्ता बन जाता है मुसीबत
स्थानीय लोगों के मुताबिक गर्मी में तो किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगह कीचड़ और फिसलन के कारण बाइक सवारों के फिसलने का खतरा बना रहता है। पैदल यात्रियों को भी पानी और कीचड़ से बचकर निकलना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है, जिन्हें रोज इस रास्ते से होकर स्कूल, बाजार या दूसरे जरूरी कामों के लिए जाना पड़ता है।
कब्रिस्तान और ईदगाह भी इसी रास्ते पर
गौरा से पलटा जाने वाला यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन का रास्ता नहीं है। आगे पलटा गांव की ओर जाने के अलावा इसी मार्ग पर कब्रिस्तान भी स्थित है। बीच रास्ते में ईदगाह होने के कारण धार्मिक अवसरों पर यहां लोगों की आवाजाही और बढ़ जाती है।
ऐसे में सड़क की बदहाली से आम दिनों के साथ धार्मिक आयोजनों के दौरान भी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले इस मार्ग की अनदेखी से समस्या लगातार बनी हुई है।
ग्रामीण बोले- कब बनेगी पक्की सड़क?
स्थानीय निवासी सद्दाम, महेश, शिवराम, सहजाद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क लंबे समय से कच्ची और जर्जर हालत में है। उनका कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद मार्ग की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से मार्ग का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क को जल्द पक्का कराया जाए, ताकि बारिश में कीचड़ और गड्ढों से राहत मिले और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित व सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।