सिद्धार्थनगर। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में दान, चढ़ावे और रामधन से जुड़े कथित घोटाले और चोरी के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी राहुल सिंह को सौंपा गया।
काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ता
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं तथा चोरी की खबरों से देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। ऐसे संवेदनशील मामले में सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
आस्था से जुड़ा है मंदिर का दान
काजी सुहेल अहमद ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। मंदिर में आने वाला दान श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक है। यदि इस धन के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई है तो इसकी गहन और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का विश्वास बना रहे।
एसआईटी गठन के बावजूद उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि एफआईआर में देरी से दोषियों को बचाने की आशंका पैदा हो रही है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
काजी सुहेल अहमद ने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या चोरी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना नहीं बना रही है, बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की मांग की है।