सिद्धार्थनगर में खरीफ सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बर्डपुर स्थित निजी खाद की दुकान मेसर्स दामोदर प्रसाद संतोष कुमार तथा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (वी-पैक्स) शिवपति नगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक और वितरण रजिस्टर का मिलान किया गया, वहीं किसानों से सीधे मोबाइल पर बात कर खाद वितरण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली गई।
किसानों को फोन कर परखी जमीनी हकीकत
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानों से मोबाइल फोन पर बातचीत कर यह जाना कि उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद मिली या नहीं और कहीं अधिक कीमत तो नहीं वसूली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ओवररेटिंग और टैगिंग पर सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी ने खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए कि उर्वरक की बिक्री केवल शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही की जाए। किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग, टैगिंग अथवा जबरन अन्य सामान बेचने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक किसान का आधार नंबर और मोबाइल नंबर वितरण रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
ADO कृषि पर नाराजगी, नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एडीओ कृषि, बर्डपुर द्वारा नियमित रूप से खाद दुकानों का निरीक्षण न किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय को संबंधित अधिकारी के खिलाफ नोटिस जारी करने तथा निरीक्षण आख्या प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए।
सहकारी समिति की भी जांच
इसके बाद जिलाधिकारी ने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (वी-पैक्स) शिवपति नगर का भी औचक निरीक्षण किया। यहां भी स्टॉक और वितरण रजिस्टर की जांच की गई तथा किसानों से फोन पर बातचीत कर खाद वितरण की स्थिति की पुष्टि की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी स्तर पर ओवररेटिंग या टैगिंग की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
खरीफ सीजन में बढ़ेगी निगरानी
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और बिक्री प्रक्रिया पर प्रशासन की लगातार नजर रहेगी। यदि कहीं भी किसानों के शोषण, कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिली तो संबंधित विक्रेता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।