सिद्धार्थनगर में बाणगंगा नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी और राहत कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सोमवार को शोहरतगढ़ स्थित बाणगंगा बैराज का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद पहुंचकर पानी से घिरे मजरों का मोटरबोट से जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बांधों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मोटरबोट से पानी के बीच पहुंचे डीएम
बाणगंगा बैराज के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी खैरी शीतल प्रसाद गांव पहुंचे। यहां पानी से घिरे मजरों में वह मोटरबोट के जरिए पहुंचे और ग्रामीणों से उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान राहत और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें समय से सहायता उपलब्ध कराई जाए।
खराब फसलों का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ राजेश कुमार को बारिश और बाढ़ से खराब हुई फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पानी से घिरे मजरों में तत्काल लंच पैकेट
बाढ़ प्रभावित मजरों में तत्काल लंच पैकेट वितरित कराने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर रहा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा।
बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं की अलग सूची
डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। खासतौर पर ऐसी गर्भवती महिलाओं की पहचान करने को कहा गया, जिनकी डिलीवरी अगले 15 से 20 दिनों में संभावित है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसी महिलाओं को पहले से चिन्हित कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति में प्रसव के समय परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो।
गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिए गए। टीम ग्रामीणों की जांच करेगी और जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड कृपा भारती, सहायक अभियंता ड्रेनेज खंड मालविका जायसवाल समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।