सिद्धार्थनगर जिले के खुनियांव स्थित बिजली फीडर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बार-बार बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम और रात में अचानक बिजली गुल होने से गांवों में लंबे समय तक अंधेरा छा जाता है। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होने के साथ घरों के आसपास और रास्तों पर सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
अंधेरे में रास्तों पर निकलना मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार, रात में बिजली कटने के बाद गांव की गलियां और संपर्क रास्ते अंधेरे में डूब जाते हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। बरसात के मौसम में झाड़ियों और आसपास के खुले स्थानों से जहरीले कीड़े-मकोड़े और सांप निकलने का खतरा भी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को अंधेरे में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रात में किसी जरूरी काम से बाहर निकलने पर रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। इससे गिरने या किसी जहरीले जीव के संपर्क में आने की आशंका बनी रहती है।
समय पर बिल, फिर भी नियमित आपूर्ति नहीं
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अधिकांश उपभोक्ता बिजली का बिल समय से जमा कर रहे हैं। इसके बावजूद रात के समय नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बार-बार आपूर्ति बाधित होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती किसी तकनीकी या आपात कारण से हो तो उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि लोग पहले से व्यवस्था कर सकें।
ग्रामीणों ने विभाग से की मांग
क्षेत्र के प्रमोद, अशोक, रिंकू और अजमल समेत अन्य ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासन से रात के समय अनावश्यक कटौती रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में बिजली आपूर्ति सुचारु रहने से घरों और रास्तों में रोशनी बनी रहेगी। इससे लोगों को सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी। उनका कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में विभाग की ओर से सूचना देने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इससे उपभोक्ता मोबाइल चार्ज रखने, टॉर्च या अन्य प्रकाश की व्यवस्था करने जैसे जरूरी इंतजाम पहले से कर सकेंगे।
विभाग बोला- इमरजेंसी में काटी जाती है बिजली
इस संबंध में सब स्टेशन ऑपरेटर रफीउल्लाह से बात की गई। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति इमरजेंसी की स्थिति में काटी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी आपात स्थिति में विद्युत आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर रात के समय बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कटौती की स्थिति में स्पष्ट सूचना और समय पर आपूर्ति बहाल होने की व्यवस्था हो, ताकि ग्रामीणों को अंधेरे और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिम से राहत मिल सके।