सिद्धार्थनगर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने नौगढ़ विकास खंड के सोनवल पंचायत भवन में आयोजित बीएचएनडी (विलेज हेल्थ, सैनिटेशन एंड न्यूट्रिशन डे) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीकाकरण की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ड्यू लिस्ट और टीकाकरण में मिला बड़ा अंतर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम पूनम पाण्डेय से टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि ड्यू लिस्ट के अनुसार 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग के छह बच्चों का टीकाकरण होना था, लेकिन केवल तीन बच्चों का ही टीकाकरण कराया गया। इसी तरह गर्भवती महिलाओं के रजिस्टर की जांच में पाया गया कि चार पात्र महिलाओं के सापेक्ष केवल एक महिला का टीकाकरण किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही माना।
ANM और आशा को नोटिस के निर्देश
टीकाकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने एएनएम पूनम पाण्डेय और आशा कार्यकर्ता सरिता पाण्डेय के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
घर-घर जाकर सूचना देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं को निर्देश दिया कि टीकाकरण दिवस से एक दिन पहले गांव में घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों को इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से अधिक से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी और टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।
कोई भी बच्चा और गर्भवती महिला नहीं छूटनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम को निर्देशित किया कि क्षेत्र का नियमित सर्वे कर सभी पात्र गर्भवती महिलाओं और बच्चों की पहचान करें तथा उनका समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच से वंचित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और फॉलोअप की व्यवस्था मजबूत की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।