सिद्धार्थनगर जिले में भारत की जनगणना-2027 के अगले चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इस चरण में जिले के प्रत्येक गांव और नगर की मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत विवरण एकत्र कर डिजिटल रूप से संकलित किया जाएगा।
पहला चरण पूरा, अब सुविधाओं का होगा सर्वे
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य जिले में 22 मई से 20 जून 2026 के बीच सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब दूसरे चरण में ग्राम निर्देशिका (Village Directory) और नगर निर्देशिका (Town Directory) तैयार की जाएगी, जो जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
हर गांव की बुनियादी सुविधाओं का तैयार होगा डाटा
इस चरण में प्रत्येक गांव और नगर से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, संचार, परिवहन और संपर्क मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा विस्तृत डाटा जुटाया जाएगा। यह भी दर्ज किया जाएगा कि किसी गांव में प्राथमिक विद्यालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। यदि उपलब्ध नहीं हैं तो उनकी निकटतम दूरी का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
17 से 30 जुलाई तक तहसील स्तर पर प्रशिक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि इस कार्य को सफल बनाने के लिए 17 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक तहसील स्तर पर चरणबद्ध प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। शासन की निर्धारित समय-सीमा के अनुसार 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 के बीच ग्राम एवं नगर स्तर से सूचनाएं एकत्र कर जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने का कार्य पूरा किया जाएगा।
लेखपालों समेत कई विभाग जुटेंगे
इस अभियान में लेखपालों के साथ राजस्व, शिक्षा, सांख्यिकी और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रशिक्षण में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीएसए, जिला सांख्यिकी अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा जनगणना प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव, उपनिदेशक एवं सहमंडल प्रभारी संजय कुमार, जिला जनगणना प्रभारी नागेंद्र यादव, जनगणना सहायक गया मिश्रा, बृजेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनगणना से जुड़ा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा और पूरी शुद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि जिले का अद्यतन एवं विश्वसनीय डाटा तैयार हो सके।