सिद्धार्थनगर के गोल्हौरा थाना क्षेत्र के अकोल्हिया गांव निवासी सर्वेश साहनी के साथ हुए साइबर फ्रॉड के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए की धनराशि उनके खाते में वापस करा दी। पीड़ित ने साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद गोल्हौरा पुलिस की साइबर टीम ने बैंक के साथ समन्वय कर रकम रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की।
यूपीआई के जरिए 85,998 रुपए की ठगी
पुलिस के अनुसार, सर्वेश साहनी ने 23 जुलाई 2025 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि यूपीआई के माध्यम से उनके साथ कुल 85,998 रुपए का साइबर फ्रॉड हुआ है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैंक से संपर्क किया और फ्रॉड की रकम को ट्रेस कर रिकवरी कराने की प्रक्रिया शुरू की। साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती सूचना और बैंकिंग स्तर पर तत्काल कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी के तहत पुलिस टीम ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक के साथ समन्वय स्थापित किया।
कार्रवाई के बाद खाते में लौटे 10 हजार
गोल्हौरा थाना पुलिस की साइबर टीम की कार्रवाई के बाद पीड़ित के खाते में 10 हजार रुपए वापस करा दिए गए। पुलिस के मुताबिक, बाकी धनराशि की रिकवरी के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है। पुलिस ने साइबर ठगी की घटनाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर ऑनलाइन भुगतान और बैंकिंग लेनदेन के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई।
ओटीपी और यूपीआई की जानकारी साझा न करें
पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम, बैंक खाते या यूपीआई से जुड़ी जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
बैंक के सहयोग से हुई रिकवरी
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी इटवा पवीन प्रकाश के पर्यवेक्षण में की गई। थाना गोल्हौरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में साइबर टीम ने बैंक के सहयोग से धनराशि रिकवर कराई। कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रणविजय सिंह, कांस्टेबल अभिषेक सिंह, अजय विश्वकर्मा, महिला कांस्टेबल खुशबू यादव और महिला कांस्टेबल नीशू गुप्ता शामिल रहे।