सिद्धार्थनगर जिले में संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर शिकंजा कसते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने गुरुवार को दो मेडिकल स्टोरों पर बड़ी कार्रवाई की। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ संयुक्त अभियान में पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं दो मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की खरीद-बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई। इनमें से एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।
एसएसबी के साथ अलीगढ़वा में छापेमारी
औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 9 जुलाई 2026 को एसएसबी अलीगढ़वा के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान अलीगढ़वा स्थित डॉक्टर खान मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 की धारा 22(1)(डी) के तहत प्रतिष्ठान पर दवाओं की खरीद-बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई। कार्रवाई की सूचना कपिलवस्तु थाना प्रभारी को भी दी गई।
सोना मेडिकल स्टोर से लिए गए दो सैंपल
कार्रवाई के दौरान अलीगढ़वा बाजार स्थित सोना मेडिकल स्टोर से दो संदिग्ध दवाओं के नमूने संग्रहित किए गए। इन्हें गुणवत्ता जांच के लिए राजकीय औषधि प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बढ़नी में भी कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति
इसके बाद टीम ने बढ़नी कस्बे के वार्ड नंबर-3, लोहिया नगर स्थित शशी फार्मा का औचक निरीक्षण किया। यहां से तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए गए और जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर दवाओं की खरीद-बिक्री भी तत्काल रोक दी गई।
रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
औषधि निरीक्षक ने बताया कि शशी फार्मा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त (औषधि), बस्ती मंडल को लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भेजी गई है। सभी पांच नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में संदिग्ध और मानकविहीन दवाओं की बिक्री रोकने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।