सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने रविवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बृहद वृक्षारोपण अभियान-2026 के तहत विभिन्न सीमा चौकियों पर व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। अभियान में एसएसबी अधिकारियों और जवानों के साथ विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
सीमा चौकियों पर चला पौधरोपण अभियान
बृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत 43वीं वाहिनी की अधीनस्थ विभिन्न सीमा चौकियों पर अलग-अलग स्थानों पर पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल हरित आवरण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी रहा। अभियान के दौरान छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
कई संस्थाओं की रही भागीदारी
कार्यक्रम में एसएसबी के अधिकारियों और जवानों के अलावा मानव सेवा संस्थान के नोडल अधिकारी, कस्टम विभाग के प्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण और विद्यालयों के अध्यापकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। सभी प्रतिभागियों ने पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। इसी सोच के साथ सभी को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें जीवित रखने के लिए प्रेरित किया गया।
जनभागीदारी पर रहा विशेष फोकस
43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल का यह अभियान केवल औपचारिक पौधरोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय को भी जोड़ने का प्रयास किया गया। अधिकारियों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए सुरक्षा बलों, सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों की साझी भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सीमा क्षेत्र में वृक्षारोपण के साथ लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया।