सिद्धार्थनगर में मतदेय स्थलों के सम्भाजन (पुनर्गठन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कक्ष में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन, आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
4 जुलाई को प्रकाशित होगी प्रारंभिक सूची
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के लिए आलेख्य सूची का प्रकाशन 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। उसी दिन इसकी प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दी जाएंगी, ताकि वे सूची का अवलोकन कर आवश्यक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकें। उन्होंने बताया कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदेय स्थलों की अंतिम सूची 18 जुलाई 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
15 जुलाई तक मांगे गए सुझाव
अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाना है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे 15 जुलाई तक अपने सुझाव और प्रत्यावेदन उपलब्ध करा दें, जिससे मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने में सुविधा हो सके।
दूरी और सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान
बैठक में बताया गया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किसी भी मतदेय स्थल की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं रखी जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतर मतदेय स्थल भूतल पर हों, ताकि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को मतदान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतदाताओं की सुविधा और निर्वाचन प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी।