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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत में बेटियों का दबदबा: 37 गोल्ड मेडल में 28 छात्राओं ने मारी बाजी, राज्यपाल बोलीं- डिग्री सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, विकसित भारत के निर्माण का दायित्व भी

37 गोल्ड मेडल में 28 छात्राओं ने मारी बाजी, राज्यपाल बोलीं- डिग्री सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, विकसित भारत के निर्माण का दायित्व भी

सिद्धार्थनगर के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में सोमवार को आयोजित दसवें दीक्षांत समारोह में बेटियों का दबदबा देखने को मिला। विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर के मेधावी विद्यार्थियों को कुल 37 स्वर्ण पदक प्रदान किए, जिनमें 28 पदक छात्राओं और केवल 9 पदक छात्रों को मिले। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

बुद्ध की धरती को किया नमन

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. मधुलिका अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी और कुलपति प्रो. कविता शाह मौजूद रहीं। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने वंदे मातरम् और कुलगीत प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सिद्धार्थनगर बुद्ध की पावन धरती है, जिसने विश्व को शांति और करुणा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह के बाद विद्यार्थियों के राष्ट्रसेवा के नए अध्याय की शुरुआत होती है। डिग्री केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि देश और समाज के विकास की जिम्मेदारी भी है।

जल संरक्षण और नवाचार पर दिया जोर

राज्यपाल ने युवाओं से जल संरक्षण, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जल सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा, इसलिए युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका तय करनी होगी। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे जनधन, स्वच्छ भारत, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला और आयुष्मान भारत का जिक्र करते हुए कहा कि देश आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सपने वो हैं जो सोने न दें

विशिष्ट अतिथि एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि सपने वही सार्थक होते हैं जो इंसान को सोने न दें। उन्होंने कहा कि बेटियां आज देश की दिशा और दशा दोनों बदल रही हैं और युवाओं को विकसित भारत के संकल्प में भागीदार बनना चाहिए। मुख्य अतिथि प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने विद्यार्थियों से अपेक्षाओं पर खरा उतरने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ देश निर्माण में योगदान देने की अपील की।

डिजिटल लाइब्रेरी और बालगृह का लोकार्पण

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के नवनिर्मित बालगृह "किलकारी" और दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। वर्ष 2026 के डिग्री और अंकपत्र भी डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किए गए। पीएचडी धारकों को भी उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक माता प्रसाद पांडेय, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षाविद मौजूद रहे।

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